1/07/2020

साक्षात्कार

साक्षात्कार
-आप हिंदी से एमए नहीं हैं, इसलिए मीडिया के छात्रों को नहीं पढा सकते।
-मैं पत्रकारिता और जनसंचार से मास्टर किया है। दस वर्ष हिंदी पत्रकारिता की है। वह भी राष्ट्रीय अखबारों में। और विभिन्न संस्थानों में पत्रकारिता पढा भी रहा हूं।
-यह हिंदी विभाग है, इसलिए हिंदी में मास्टर तो होने चाहिए।
-लेकिन विज्ञापन में तो ऐसी अनिवार्य योग्यता तो लिखी नहीं थी।
-तो आप ऐसा करिये एचआरएस (हिंदी रिलीजन स्टडी) पढा दीजिये। उसी के लिए हम आपको रख सकते हैं।
-मैं हिंदू धर्म को जानता ही कितना हूं? उतना ही जानता हूं जितना पारंपरिक तौर पर मेरे घर में पूजा-पाठ होता है।
-फिर आपको हम नहीं रख सकते?
- क्यों?
-आप इन्हें समझा दीजिये कि इनका चयन क्यों नहीं हो सकता
(बगल में बैठे शख्स की ओर देखते हुए)।
#अभ्यर्थी की डायरी

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